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सरगुजा संभाग

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Latest सरगुजा संभाग News
सरगुजा संभाग

तीन अलग-अलग दुकानों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, टैब एवं 5000 नगद रकम कुल मशरुका 20 हजार बरामद।

:- थाना कोतवाली पुलिस टीम द्वारा मामले में की गई सख्त वैधानिक…

Binod Gupta Binod Gupta October 25, 2026
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सूरजपुर

आपदा से बचाव के लिए स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक मॉकड्रिल के माध्यम से सुरक्षा उपायों की जानकारी देते हुए कराया गया अभ्यास

सूरजपुर/25 अक्टूबर 2026/ विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने तथा…

Binod Gupta Binod Gupta October 25, 2026
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सूरजपुर

धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता-कलेक्टर धान खरीदी की तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण आयोजित

कलेक्टर ने प्रारम्भिक तैयारियों की समीक्षा कर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण…

Binod Gupta Binod Gupta October 25, 2026
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सूरजपुर

पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के समाधि स्थल एवं आश्रम का कलेक्टर ने किया अवलोकन

माघ मेले में आज भी हजारों अनुयायी पहुंचकर करते हैं श्रद्धांजलि अर्पित

*माता राजमोहिनी देवी की सामाजिक विरासत को सहेजने तथा संरक्षण की दिशा में पहल*

*सूरजपुर/25 अक्टूबर 2026/* कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत गोविंदपुर (रजमेलान) पहुंचकर ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्व की दृष्टिकोण से पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के समाधि स्थल एवं आश्रम का परिसर का भ्रमण कर संरक्षण और रखरखाव अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने माता के अनुयायियों से संवाद कर उनके जीवन, सामाजिक योगदान एवं समाधि स्थल से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थल पर साफ-सफाई, आवश्यक सुविधाओं के विस्तार में आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।
इस दौरान पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी जन सेवा संस्था आश्रम के संरक्षक श्री त्रिभुवन सिंह टेकाम ने शासन द्वारा पूर्व में किये गए सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने आश्रम के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती जमील ने आश्रम परिसर का भी अवलोकन किया। इस दौरान माता राजमोहिनी देवी की पुत्री श्रीमती राम बाई ने पुष्प भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। कलेक्टर ने माता की पुरानी कुटिया का भ्रमण किया, जहां श्रीमती राम बाई ने माता के जीवन से जुड़ी स्मृतियों, उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक बर्तनों एवं अन्य सामग्री की जानकारी दी। कलेक्टर ने इन स्मृतियों को आत्मीयता से देखा तथा माता के जीवन और समाज सुधार से जुड़े प्रसंगों को जाना। उन्होंने परिसर स्थित मंदिर में भी दर्शन किया। साथ ही माता के जीवन पर आधारित पुस्तक तथा पद्मश्री सम्मान सहित अन्य सम्मान एवं मेडल का भी अवलोकन किया।
माता के अनुयायियों ने बताया कि पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी ने आदिवासी समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास, नशामुक्ति एवं शोषण के विरुद्ध जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं के अधिकारों, स्वाभिमान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके सामाजिक कार्यों के सम्मान में भारत सरकार ने वर्ष 1989 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। अनुयायियों ने बताया कि माता के प्रति लोगों की आस्था आज भी कायम है और प्रतिवर्ष माघ मेले में हजारों अनुयायी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। माता की पुत्री श्रीमती राम बाई उनके जीवन से जुड़ी स्मृतियों एवं सामाजिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती राम बाई एवं समिति के संरक्षक श्री त्रिभुवन सिंह टेकाम एवं अन्य अनुयायियों ने अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखी। जिसपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए, ताकि समाधि स्थल एवं आश्रम का समुचित विकास हो सके और पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी की प्रेरणादायी स्मृतियों एवं समाजसेवा की विरासत को संरक्षित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर श्री रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

Binod Gupta Binod Gupta October 25, 2026
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अंबिकापुर

दोषमुक्ति के कारणों की समीक्षा कर दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाने पर आईजी सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा का जोर, 791 प्रकरणों की हुई संभाग स्तरीय समीक्षा

बलात्कार एवं पॉक्सो के मामलों में पीड़िता के न्यायालयीन कथन को साक्ष्य…

Binod Gupta Binod Gupta October 24, 2026
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सूरजपुर

निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय का कलेक्टर ने किया निरीक्षण*

निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जताई कड़ी नाराजगी, शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने…

Binod Gupta Binod Gupta October 24, 2026
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सूरजपुर

माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता में गन्ना कृषक चौपाल एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

कलेक्टर ने किसानों से किया सीधा संवाद, गन्ना उत्पादन एवं रकबा बढ़ाने…

Binod Gupta Binod Gupta October 24, 2026
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सूरजपुर

हरिनंदन राजवाड़े हत्याकांड में एक और आरोपी गिरफ्तार

सूरजपुर जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही…

Binod Gupta Binod Gupta October 23, 2026
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सूरजपुर

चार दशक की अखंड भक्ति और सेवा की मिसाल बना श्री नवयुवक दुर्गा मंडल, 40वें वार्षिकोत्सव में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

*अष्टमी की महाआरती से नवमी की सुबह तक गूंजे माता के जयकारे, भजन संध्या, संजीव झांकियों और चुनरी उत्सव ने बांधा समां; संस्थापकों की विरासत को नमन कर सामाजिक सेवा के संकल्प को किया साकार*

*सूरजपुर।* कुछ परंपराएँ समय के साथ केवल पुरानी नहीं होतीं, बल्कि पीढ़ियों की आस्था और संस्कारों का हिस्सा बन जाती हैं। सूरजपुर के भैयाथान रोड स्थित श्री नवयुवक दुर्गा मंडल की चार दशक लंबी यात्रा इसी विश्वास की कहानी कहती है। माँ दुर्गा की आराधना से शुरू हुआ यह सफर आज धार्मिक आयोजनों, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता तक विस्तृत हो चुका है। मंडल के 40वें वार्षिक उत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, रातभर गूंजते भजन और संस्थापकों के योगदान का स्मरण इस बात का प्रमाण बना कि सच्ची आस्था समय के साथ और मजबूत होती जाती है।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस भव्य उत्सव में रात्रि जागरण, भजन संध्या, अलौकिक संजीव झांकियों, चुनरी उत्सव, ऐतिहासिक धार्मिक झांकी और स्वागत-सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अष्टमी की रात नौ बजे माँ दुर्गा की महाआरती के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ, जो नवमी की सुबह छह बजे तारा रानी की कथा और माता रानी की आरती के साथ संपन्न हुआ। पूरी रात पंडाल में भक्तों की उपस्थिति बनी रही और जय माता दी के जयघोष से वातावरण भक्तिमय होता रहा।

*भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु, संजीव झांकियों ने मोहा मन*

रात्रि जागरण के दौरान भजन गायिका नंदनी श्रीवास्तव तथा गायक ओम सराफ और राजन सराफ ने माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करते हुए अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। भजनों की मधुर धुनों पर भक्त झूमते रहे। मध्यप्रदेश से आई अलौकिक संजीव झांकियों ने धार्मिक प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत कर कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

माता रानी के विभिन्न स्वरूपों और धार्मिक कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। रातभर चले इस आयोजन में संगीत, श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता का ऐसा वातावरण बना, जिसने वार्षिकोत्सव को यादगार बना दिया।

*चुनरी उत्सव में श्रद्धालुओं ने अर्पित की मनोकामनाओं की चुनरी*

सूरजपुर की महारानी और पंडाल वाली माँ दुर्गा के दरबार में आयोजित चुनरी उत्सव ने भक्तों की भावनाओं को विशेष अभिव्यक्ति दी। सुगंधित पुष्पों से निर्मित भव्य गजरामाला अर्पित कर माता का आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने विभिन्न रंगों की चुनरियाँ समर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।

उत्सव के दौरान निकाली गई ऐतिहासिक धार्मिक झांकी में सिंह पर सवार माँ शेरावाली, माँ महालक्ष्मी, माँ महाकाली और राक्षसों की टोली के आकर्षक स्वरूप प्रदर्शित किए गए। मार्ग में लोगों ने झांकी का स्वागत किया और माता के विभिन्न रूपों के दर्शन किए।

*10 अक्टूबर 1986 से जारी है मंगलवार संकीर्तन की परंपरा*

श्री नवयुवक दुर्गा मंडल की सबसे महत्वपूर्ण पहचान उसकी नियमित धार्मिक साधना है। मंडल के ऐतिहासिक विवरण के अनुसार, 10 अक्टूबर 1986 से शुरू हुई मंगलवार संकीर्तन की परंपरा विभिन्न परिस्थितियों के बावजूद निरंतर आगे बढ़ती रही है। उपलब्ध विवरण में अब तक 2,088 मंगलवार संकीर्तन आयोजित किए जाने का उल्लेख है।

वर्ष 1986 में जागरूक मानस मंडली, साहूपारा की गतिविधियों को आगे बढ़ाते हुए मंडल का पुनर्गठन किया गया था। इस मंडली का संचालन जोखनलाल साहू और विजय शंकर साहू करते थे। मंडली के विलय के बाद श्री नवयुवक दुर्गा मंडल ने नए स्वरूप में अपनी धार्मिक एवं सामाजिक यात्रा प्रारंभ की।

इस पहल को मजबूत आधार देने वालों में स्वर्गीय बालकिशन मित्तल, स्वर्गीय ओमप्रकाश सोनी, स्वर्गीय अनूप कुमार साहू, स्वर्गीय बनारसी ठाकुर, मदनलाल अग्रवाल, रामकृपाल साहू, रमेश अग्रवाल और सूरज अग्रवाल सहित अनेक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वार्षिकोत्सव के दौरान संस्थापकों और दिवंगत सहयोगियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

उन लोगों की मेहनत आज भी मंडल की गतिविधियों में दिखाई देती है, जिन्होंने वर्षों पहले इस परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई थी। समय के साथ चेहरे बदलते रहे, लेकिन उनके द्वारा स्थापित धार्मिक संस्कार आज भी नई पीढ़ी को जोड़ रहे हैं।

*कुदरगढ़, देवगढ़ और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी सक्रिय भूमिका*

मंडल की गतिविधियाँ सूरजपुर तक सीमित नहीं रहीं। वर्ष 1988 में श्री रामभज अग्रवाल की प्रेरणा से माँ बागेश्वरी देवी धाम, कुदरगढ़ में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर भंडारे की शुरुआत की गई। षष्ठी से अष्टमी तक भंडारा और महाअष्टमी की रात जागरण इस आयोजन के प्रमुख अंग रहे हैं।

वर्ष 1993 से देवगढ़ धाम स्थित प्राचीन अर्धनारीश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास के दौरान रुद्राभिषेक, भंडारा और संकीर्तन आयोजित किए जा रहे हैं। वर्ष 1998 से माँ दुर्गा भवानी मंदिर, जमड़ी-भैयाथान के बसंत पंचमी पर होने वाले वार्षिक उत्सव में भी मंडल सहयोग करता रहा है। यहाँ धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मंदिर के जीर्णोद्धार संबंधी कार्यों में सहभागिता की गई।

सूरजपुर के प्राचीन पंच मंदिर में वर्ष 1987 से नवरात्रि की प्रतिपदा पर सदस्यता अभियान और नई कार्यकारिणी के गठन की परंपरा है। वहीं, वर्ष 2009 से केतक रोड स्थित श्री हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती पर जागरण एवं संकीर्तन आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें मारुति सेवा समिति का विशेष सहयोग मिलता है। वर्ष 2003 से विश्रामपुर में मंडल की दूसरी शाखा भी धार्मिक गतिविधियों के संचालन में सक्रिय है।

*विवाह और उपचार में सहायता, मानव सेवा को दी प्राथमिकता*

मंडल ने धार्मिक आस्था को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए जरूरतमंद परिवारों की सहायता को भी अपनी गतिविधियों का हिस्सा बनाया है। मंडल के विवरण के अनुसार, 15 से अधिक असमर्थ परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग दिया गया है। इसके अतिरिक्त 50 से अधिक समर्थ परिवारों की बेटियों के विवाह में भी सहायता प्रदान की गई।

जरूरतमंद लोगों के उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं में मदद करने के साथ विभिन्न मंदिरों के जीर्णोद्धार में योगदान दिया गया है। आर्थिक कठिनाइयों के बीच विवाह की जिम्मेदारी निभा रहे परिवारों या उपचार के लिए सहायता तलाश रहे लोगों के लिए यह सहयोग महत्वपूर्ण संबल बना। इन प्रयासों से मंडल ने यह संदेश दिया कि धार्मिक संस्थाओं की भूमिका पूजा-पाठ के साथ समाज के दुःख-दर्द में सहभागी बनने की भी है।

*सात चरणों में हुआ स्वागत-सम्मान, धर्माचार्यों और जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन*

40वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित सम्मान समारोह सात चरणों में संपन्न हुआ। इसमें धर्माचार्यों, मुख्य यजमानों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ संरक्षकों, समाजसेवियों और मंडल के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।

ब्राह्मण देवगण जयचंद महाराज, बबलू महाराज और अशोक महाराज का शाल, श्रीफल एवं रोली-तिलक से अभिनंदन किया गया। मुख्य यजमान धर्मवीर अग्रवाल और श्रीमती भगवती देवी अग्रवाल का माता रानी की चुनरी तथा रोली-तिलक से स्वागत किया गया।

सार्वजनिक श्री दुर्गा पूजा समिति, भैयाथान रोड के वरिष्ठ संरक्षकों भीमसेन अग्रवाल, ईश्वर चंद्र अग्रवाल, रामअवतार अग्रवाल तथा पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लाल चंद्र अग्रवाल को सम्मान प्रदान किया गया। सूरजपुर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े का नगर की प्रथम नागरिक के रूप में स्वागत एवं सेवा सम्मान किया गया। नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष शैलेश गोयल, शिवनंदनपुर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष अंशुल गोयल एवं प्रवेश गोयल तथा सार्वजनिक श्री गणेश पूजा समिति के निवर्तमान अध्यक्ष विकास मित्तल का भी अभिनंदन हुआ।

मंडल के वरिष्ठ सहयोगियों में माँ बागेश्वरी देवी लोकन्यास ट्रस्ट, कुदरगढ़-ओड़गी के मेला अध्यक्ष भुवन भास्कर प्रताप सिंह, सुभाष गोयल, मनोज अग्रवाल, विश्रामपुर शाखा के प्रमुख राकेश अग्रवाल, माँ बनभौरी देवी मंदिर, अंबिकापुर के प्रमुख सुशील अग्रवाल और दीपक अग्रवाल को सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही मंडल के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, एनडीएम के व्यवस्थापक एवं डीपीएस के कोषाध्यक्ष नरेश बंसल, वरिष्ठ संगीत शिक्षक कृष्ण चंद्र पुरी और कार्यालय प्रभारी राजेश साहू को उनके समर्पण एवं योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

*चार दशक की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प*

श्री नवयुवक दुर्गा मंडल का 40वां वार्षिक उत्सव धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर अपनी जड़ों को याद करने और भविष्य की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर बना। संस्थापकों द्वारा शुरू की गई परंपराओं को जीवित रखना, मंगलवार संकीर्तन को जारी रखना और सामाजिक सहायता के कार्यों का विस्तार करना मंडल की यात्रा के प्रमुख आधार रहे हैं।

कार्यक्रम में एनडीएम, डीपीएस एवं जीपीएस के पदाधिकारी, सदस्य, सहयोगी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कुल मिलाकर चार दशक की इस यात्रा का सबसे भावपूर्ण पक्ष यह रहा कि माँ दुर्गा की आराधना के बीच उन लोगों को भी याद किया गया, जिनके प्रयासों से यह धार्मिक परंपरा स्थापित हुई। उनकी विरासत आज संकीर्तन, सामूहिक आयोजनों और जरूरतमंदों की सहायता के रूप में आगे बढ़ रही है।

श्री नवयुवक दुर्गा मंडल की कहानी यही संदेश देती है कि किसी संस्था की असली पहचान केवल भव्य आयोजनों से नहीं, बल्कि उस विश्वास, एकजुटता और सेवा भावना से बनती है, जिसे वह समाज में जीवित रखती है। माँ दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा के साथ मानव सेवा का यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

Binod Gupta Binod Gupta October 23, 2026
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सूरजपुर

एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव ने सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री दीपक कुमार झा से की सौजन्य मुलाकात।

एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री मनीष साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड…

Binod Gupta Binod Gupta October 23, 2026
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