पोल्ट्री पालन से सशक्त हो रहीं महिला किसान दीदियां

– मुख्यमंत्री की मंशानुरूप ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर बढ़ाई जा रही आजीविका

*- विष्णु भैया के प्रयासों से बढ़ा हमारा आत्मविश्वास-हुस्ना परवीन*

*सूरजपुर/06 सितंबर 2026/* मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में  जिले में निरंतर प्रयास किया जा रहा है इसी कड़ी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर  के माध्यम से महिला किसान दीदियों को कृषि के साथ पशुधन आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनकी आजीविका को सुदृढ़ किया जा रहा है।
            कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा शिवनंदनपुर स्थित उमंग महिला क्लस्टर संगठन के अंतर्गत आईएफसी से जुड़ी 300 महिला किसान दीदियों को पोल्ट्री पालन की गतिविधि से जोड़ा गया है। इसके तहत चयनित उद्यमी दीदी को 25 हजार की ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्होंने ब्रूडिंग सेंटर की शुरुआत की है। इस पहल से महिलाओं को पोल्ट्री पालन के माध्यम से नियमित एवं अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।

*500 चूजों से शुरुआत, पहली बिक्री में मिला 6 हजार रुपए का शुद्ध लाभ*
पोल्ट्री पालन की शुरुआत 500 चूजों के ब्रूडिंग से की गई। महिला किसान दीदियों को चूजों के वैज्ञानिक पालन-पोषण, संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, उचित आवास, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया। प्रारंभिक चरण में 400 चूजों की बिक्री की जा चुकी है, जिससे उद्यमी दीदी को लगभग 06 हजार रूपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। कम लागत में शुरू की गई इस गतिविधि से महिलाओं को अपने गांव में ही आय का साधन विकसित करने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिल रहा है।

*खेती के साथ पशुधन आधारित गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा :-*
इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के माध्यम से महिला किसानों को केवल कृषि तक सीमित न रखते हुए कृषि, पशुपालन और पोल्ट्री जैसी बहुआयामी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों के लिए आय के विविध स्रोत विकसित हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है।
          विकासखंड परियोजना प्रबंधक माधुरी भंडारी ने बताया कि आईएफसी के अंतर्गत कृषि के साथ पशुधन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर महिलाओं के लिए बहुआयामी एवं टिकाऊ आजीविका मॉडल विकसित किया जा रहा है। महिला किसानों को उत्पादन से लेकर उचित प्रबंधन एवं विपणन तक आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि पोल्ट्री पालन को व्यवसायिक और टिकाऊ आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित किया जा सके।

*महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा :-*
बिहान से जुड़ी महिला किसान दीदियां समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से स्वरोजगार, आय वृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पोल्ट्री पालन जैसी गतिविधियां महिलाओं को अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक बन रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जिले में महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
              ग्राम दतिमा की हुस्ना परवीन बताती हैं कि बिहान के माध्यम से उन्हें गांव में ही रोजगार का अवसर मिल रहा है। पोल्ट्री पालन के लिए चूजे, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि विष्णु भैया महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो प्रयास कर रहे हैं, उसका लाभ हम जैसी ग्रामीण महिलाओं को सीधे मिल रहा है। अब हम अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ खुद भी आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं।

Binod Gupta