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टीबी मुक्त भारत अभियान: भैयाथान ब्लॉक को दिसंबर 2026 तक ‘टीबी मुक्त’ बनाने की तैयारी, एनसीसी और ‘माय भारत’ के युवा संभालेंगे मोर्चा
सूरजपुर/22 अगस्त 2026/ देश को क्षय रोग से पूर्णतः मुक्त करने के संकल्प के तहत जिला सूरजपुर में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के. डी. पैकरा के निर्देश पर जिला चिकित्सालय के सभाकक्ष में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स तथा ‘माय भारत’ के युवा वॉलिंटियर्स ने सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले की युवा एवं छात्र शक्ति को स्वास्थ्य एंबेसडर के रूप में तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों और जिला क्षय रोग अधिकारियों ने कैडेट्स एवं वॉलिंटियर्स को टीबी के लक्षणों, जांच की आधुनिक पद्धतियों तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क उपचार सुविधाओं के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित किया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि टीबी का पूर्ण इलाज संभव है, बशर्ते लक्षणों की पहचान समय पर हो और मरीज बिना किसी व्यवधान के दवा का पूरा कोर्स पूर्ण करे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि एनसीसी कैडेट्स में अनुशासन होता है और ‘माय भारत’ के वॉलिंटियर्स में समाज सेवा का जज्बा। जब ये दोनों शक्तियां स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्य करेंगी, तो जिले के दूरदराज के गांवों और वनांचलों तक टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना अत्यंत सहज हो जाएगा।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये कैडेट्स और वॉलिंटियर्स अब सीधे फील्ड पर उतरेंगे। ये युवा विशेष रूप से भैयाथान विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्रों और ग्रामीण अंचलों में घर-घर जाकर संभावित मरीजों को चिह्नित करेंगे, समाज से टीबी का भय एवं भ्रांतियां दूर करेंगे तथा मरीजों को इलाज के लिए प्रेरित करेंगे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न विकासखंडों, गांवों और शहरी वार्डों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसका मुख्य कार्य लक्षणों की पहचान कर संभावित टीबी मरीजों को चिह्नित करने में सहयोग करना, समाज में टीबी रोग से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को मिटाना तथा शासन द्वारा टीबी मरीजों को दी जाने वाली निक्षय पोषण योजना की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना होगा।
कार्यशाला में टीबी नोडल अधिकारी डॉ. राजेश पैकरा ने बताया कि शासन द्वारा भैयाथान ब्लॉक को दिसंबर 2026 तक संपूर्ण क्षय सुरक्षित विकासखंड घोषित करने का लक्ष्य दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चाक-चौबंद रणनीति तैयार की है, जिसमें एनसीसी और ‘माय भारत’ के वॉलिंटियर्स की भूमिका सर्वाधिक अहम होगी।
इस अवसर पर जिला समन्वयक संजीत सिंह ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भैयाथान ब्लॉक सहित पूरे जिले को टीबी मुक्त करने के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर युद्ध स्तर पर कार्य किया जाएगा। इनमें ब्लॉक के प्रत्येक नागरिक की टीबी जांच और स्क्रीनिंग सुनिश्चित करना, लक्षण दिखते ही आधुनिक मशीनों से तत्काल और सटीक पहचान करना, चिह्नित मरीजों का बिना किसी बाधा के पूर्ण इलाज संपन्न कराना, निक्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय एवं पौष्टिक सहायता शत-प्रतिशत पात्रों तक पहुंचाना तथा इस अभियान को महज सरकारी कार्यक्रम न रखकर जनभागीदारी के माध्यम से जन-आंदोलन का स्वरूप देना शामिल है।
कार्यशाला के अंत में जिला चिकित्सालय के सभाकक्ष में उपस्थित समस्त स्वास्थ्य अधिकारियों और युवाओं ने ‘टीबी हारेगा, सूरजपुर जीतेगा’ के नारे के साथ इस मिशन को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा जताया कि युवाओं के इस नए जोश और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से सूरजपुर शीघ्र ही टीबी मुक्त जिलों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा होगा। कार्यशाला में उमेश गुप्ता, नीतीश दुबे सहित टीबी विभाग एवं जिला चिकित्सालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।