कृषक उन्नति योजना से किसान दिनेश यादव को मिलेगा 10 हजार रुपये का लाभ, धान की जगह एक एकड़ में की रागी की खेती
कृषि विभाग से मिले बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से लहलहाई रागी की फसल, मोटे अनाज की खेती को मिला बढ़ावा
परंपरागत धान की खेती छोड़ मिलेट उत्पादन की ओर बढ़ाया कदम, कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का मिलेगा लाभ

Binod Gupta
4 Min Read

अम्बिकापुर 18 अक्टूबर 2026/   शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना किसानों को परंपरागत धान की खेती के साथ अन्य लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कृषि विभाग द्वारा बीज उपलब्ध कराने और तकनीकी मार्गदर्शन दिए जाने से किसान अब मिलेट फसलों की खेती की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम परसा के किसान श्री दिनेश कुमार यादव ने धान के स्थान पर एक एकड़ में रागी (मड़िया) की खेती कर फसल विविधीकरण की दिशा में पहल की है। उनकी रागी की फसल अच्छी स्थिति में है और कृषक उन्नति योजना के तहत उन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा।

कृषि विभाग से मिला बीज और मार्गदर्शन, एक एकड़ में तैयार हुई रागी की फसल
किसान श्री दिनेश कुमार यादव ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत उन्हें रागी (मड़िया) का बीज उपलब्ध कराया गया था। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें रागी की खेती के संबंध में आवश्यक जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन दिया। इसी मार्गदर्शन के आधार पर उन्होंने लगभग एक एकड़ भूमि में रागी की खेती शुरू की।

उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों की नियमित देखरेख और सलाह से फसल की बढ़वार अच्छी हुई है। वर्तमान में रागी के पौधे स्वस्थ हैं और अधिकांश फसल तैयार हो चुकी है। शेष फसल भी अच्छी स्थिति में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फसल की कटाई और दाने निकालने के बाद उत्पादन तथा उससे होने वाली आय का वास्तविक आकलन हो सकेगा।

धान के बदले रागी की खेती अपनाने पर मिलेगी 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
श्री यादव ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें कृषक उन्नति योजना की जानकारी दी थी। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि धान के स्थान पर अन्य निर्धारित फसलों की खेती करने पर योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसी जानकारी से प्रेरित होकर उन्होंने एक एकड़ में रागी की खेती करने का निर्णय लिया।

उन्होंने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत रागी की खेती के लिए प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलने की जानकारी दी गई है। इसके लिए उन्होंने अपना पंजीयन भी करा लिया है। योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्रता पूरी होने पर उन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी। इससे खेती में किए गए खर्च की भरपाई करने और कृषि कार्यों को आगे बढ़ाने में आर्थिक सहायता मिलेगी।

मिलेट की खेती से फसल विविधीकरण को मिल रहा प्रोत्साहन
रागी जैसे मोटे अनाज की खेती किसानों के लिए फसल विविधीकरण का एक महत्वपूर्ण विकल्प है। पोषक तत्वों से भरपूर रागी की खेती को बढ़ावा देने से कृषि उत्पादन में विविधता लाने के साथ किसानों को आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ती हैं। कृषि विभाग द्वारा बीज वितरण, तकनीकी सलाह और शासन की प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देकर किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

किसान ने कृषि विभाग के सहयोग पर जताई खुशी
श्री दिनेश कुमार यादव ने बताया कि रागी की खेती के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों का निरंतर सहयोग मिला। बीज उपलब्ध कराने से लेकर फसल की देखरेख तक विभाग द्वारा आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने फसल की अच्छी स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कटाई के बाद उत्पादन और आर्थिक लाभ की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने रागी की खेती के लिए प्रोत्साहित करने, बीज उपलब्ध कराने तथा तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री सहित कृषि विभाग का धन्यवाद दिया।

About The Author

Share This Article