कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने ली प्राचार्यों की बैठक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के दिए निर्देश

*सूरजपुर/20 अगस्त 2026/*   कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की अध्यक्षता में आज जिले के शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसडीएम सूरजपुर श्रीमती शिवानी जायसवाल, डीईओ श्रीमती लता बेक, डीएमसी मनोज साहू सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा सभी स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित थे ।
                 बैठक में जिले में शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षण के स्तर को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों को आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने तथा आगामी 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
                 कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि बच्चों को शिक्षा देना केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। शिक्षक बच्चों को अपने बच्चों की तरह समझकर पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ शिक्षा प्रदान करें। शिक्षा व्यवस्था में सुधार का व्यापक प्रभाव समाज के विकास पर पड़ता है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को अपने विद्यालयों में अनुशासन का वातावरण बनाने, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

*लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई:-*
बैठक में परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों एवं विषयवार प्रदर्शन पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विषयों में शिक्षकों द्वारा अपेक्षित गुणवत्ता के साथ अध्यापन नहीं कराया जा रहा है अथवा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, ऐसे शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने की बात कही गई।
                    उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में शिक्षकों के सुझाव, नवाचार और मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका है। जो शिक्षक आगे आकर बेहतर कार्य करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।

*बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने की बनेगी कार्ययोजना:-*
कलेक्टर ने 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए विद्यालयवार ठोस रणनीति एवं कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बीईओ एवं प्राचार्यों को मेधावी विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें बेहतर मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
                विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए प्रत्येक माह जिला स्तर पर तैयार किए गए प्रश्नपत्रों के माध्यम से मासिक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए संबंधित शिक्षकों एवं प्राचार्यों की बैठक लेकर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही स्कूलों में अच्छे प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

*सेवानिवृत्त हो रहे कर्तव्यनिष्ठ प्राचार्यों से लिए जा रहे सुझाव:-*
विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए सेवानिवृत्त होने वाले कर्तव्यनिष्ठ प्राचार्यों से उनके अनुभव एवं सुझाव लेने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि वर्षों के अनुभव से प्राप्त सुझावों का उपयोग विद्यालयों की व्यवस्था एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणाम सुधारने में किया जा सकता है।
                   उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, जर्जर भवनों सहित किसी भी समस्या की स्थिति की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने तथा शासन की सभी शैक्षणिक योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*हर माह होगी प्राचार्यों की बैठक:-*
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार के लिए प्राचार्यों की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मासिक टेस्ट के परिणाम, शिक्षकों की कार्यप्रणाली एवं बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
                   उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपने-अपने विद्यालयों की कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का कहा। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्राचार्यों एवं शिक्षकों से सुझाव भी लिए गए तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।

Binod Gupta
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