Reading:
यूट्यूब पत्रकार आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी के मामले की सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश से निष्पक्ष जाँच हो : माकपा
जाँच पूरी होने से पहले तत्काल रिहाई की मांग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की सरगुजा जिला समिति ने यूट्यूब पत्रकार आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताते हुए उनके मामले की निष्पक्ष जाँच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने तथा जाँच पूरी होने से पहले उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की है। इस संबंध में पार्टी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर, सरगुजा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है।
पार्टी के सहायक जिला सचिव सी. पी. शुक्ला द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में कहा गया है कि सरगुजा पुलिस ने यूट्यूब पत्रकार आकांक्षा टोप्पो को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
ज्ञापन में आशंका व्यक्त की गई है कि आकांक्षा टोप्पो द्वारा कथित आपराधिक घटनाओं एवं आदिवासी उत्पीड़न के मामलों को उजागर करने के कारण स्थानीय भाजपा नेताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच कथित मिलीभगत के तहत उन्हें प्रताड़ित करने, नीचा दिखाने, तंग-परेशान करने तथा अपमानित करने के उद्देश्य से गिरफ्तार किया गया हो सकता है।
पार्टी ने यह भी कहा है कि यदि पत्रकार द्वारा किसी मामले में कोई अतिरिक्त कृत्य किया गया है, तो उसकी जाँच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन, विशेषकर पुलिस प्रशासन की भूमिका को देखते हुए पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जाँच आवश्यक है, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके और किसी के साथ अन्याय न हो।
माकपा की प्रमुख मांगें
1. सेवानिवृत्त न्यायाधीश से निष्पक्ष जाँच: आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी से संबंधित पूरे प्रकरण की जाँच उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए, क्योंकि यह मामला प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है।
2. जाँच पूरी होने से पहले तत्काल रिहाई: आकांक्षा टोप्पो को जाँच पूरी होने से पहले तत्काल रिहा किया जाए, ताकि वे जाँच में शामिल हो सकें और अपना पक्ष रख सकें।
3. दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई: यदि जाँच में यह साबित होता है कि आकांक्षा टोप्पो को षड्यंत्रपूर्वक झूठे मामले में फँसाया गया है, तो ऐसा करने वाले लोगों के विरुद्ध प्रेस से संबंधित कानूनों तथा अत्याचार निवारण अधिनियम सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
पार्टी ने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा है कि लोकतंत्र में प्रेस की स्वतंत्रता का संरक्षण आवश्यक है। पत्रकारों द्वारा जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के कारण यदि उनके विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), सरगुजा जिला समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाए, आकांक्षा टोप्पो को तत्काल रिहा किया जाए तथा जाँच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
जारीकर्ता :
सी. पी. शुक्ला
सहायक जिला सचिव
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
सरगुजा जिला समिति, अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)